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बुधवार, 7 अगस्त 2024

एक साल की मासूम की पटककर हत्या

 एक साल की मासूम की पटककर हत्या करने वाला आरोपी गिरफ्तार : बच्ची के रोने से था परेशान, 20 दिन पहले बेंगलूर से प्रेमी के साथ भाग आई थी महिला  


शिवपुरी में सोमवार की रात एक साल की मासूम के रोने पर उसे जमीन पर पटककर फिर उसके मुंह पर हाथ रख उसकी सांसे हमेशा हमेशा के लिए बंद कर दी थी। इस वारदात को अंजाम मासूम की मां के प्रेमी ने दिया था। मंगलवार की सुबह महिला ने इसकी शिकायत बामोरकला थाना में पहुंचकर दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आज बुधवार की सुबह आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला करीब 20 दिन पहले अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ बेंगलूर से भाग आई थी। 


घटना सोमवार की रात 12 बजे घटित हुई थी। रात भर मां अपनी एक साल की मासूम बेटी के शव को कलेजे से चिपका कर रखे रही थी। इस दौरान रात भर उसकी बेटी ह्त्यारा उसकी आँखों के सामने बैठा रहा। सुबह प्रेमी के भागने के बाद मां की शिकायत पर पुलिस ने मासूम के शव बरामद कर आरोपी के खिलाफ ह्त्या का मामला दर्ज किया था।


10 साल उम्र में छोटे प्रेमी के प्यार में पढ़कर घर छोड़ भाग आई थी महिला -


शिवपुरी जिले के बामौरकला थाना के सुलार खुर्द गांव का रहने वाला 25 साल भैयालाल आदिवासी पिछले एक साल से मजदूरी करने बेंगलूर गया हुआ था। वह किसी ठेकेदार के यहां सड़क निर्माण कार्य में मजदूरी करने लगा था। इसी दौरान उसकी मुलाक़ात टीकमगढ़ जिले से मजदूरी करने आई 35 साल की जयंती आदिवासी से हो गई थी। जयंती अपने पति और तीन बच्चों के साथ बेंगलूर में रह रही थी। मजदूरी के दौरान दोनों के बीच प्यार हो गया था। कई माह साथ रहने बाद भैया लाल जयंती को 20 दिन पहले बेंगलूर से अपने गांव भगा लाया था। जयंती अपने साथ अपनी 1 साल की बच्ची को साथ ले आई थी। तभी से दोनों सुलार खुर्द गांव में झोपडी में साथ रह रहे थे। 


10 साल पहले हुई शादी, दो बच्चों को छोड़ प्रेमी के साथ भाग आई थी प्रेमिका -


जानकारी के मुताबिक़ जयंती की शादी 10 साल पहले टीकमगढ़ के रहने वाले परमानद आदिवासी से हुई थी। जयंती के 9 साल की बेटी दामनी, 8 साल का बेटा देव और 1 साल छाया थी। जयंती पिछले एक साल से बेंगलूर में अपने पति परमानंद के साथ रह रही थी। यही उसकी मुलाक़ात भैयालाल के साथ हो गई थी। जयंती करीब 20 दिन पहले अपने पति परमानंद और  9 साल की बेटी दामनी, 8 साल का बेटा देव को बेंगलूर छोड़ कर प्रेमी के साथ शिवपुरी भाग आई थी। लेकिन जयंती अपनी एक साल की बेटी छाया को साथ ले आई थी। 


मासूम के रोने से प्रेमी था परेशान, पैर पकड़ कर जमीन में मारा  -


बता दें कि जयंती अपने प्रेमी के साथ सुलार खुर्द गांव में पत्नी बनकर रहने लगीं थी। इधर एक साल की छाया के रोज रात रोने से भैयालाल परेशान होने लगा था। जयंती के मुताबिक रात 10 बजे सभी खाना खाकर सो गए थे। रात 12 बजे बेटी छाया रोने लगी थी। बेटी के रोने से भैयालाल की नींद खराब हुई थी। इससे भड़के भैयालाल ने छाया को पीट दिया था। इससे बेटी ओर जोर से रोने लगी थी। तभी भैयालाल ने बेटी छाया के पैर पकडे और उसे जमीन पर पटक दिया। जिससे बेटी के मुंह और सिर से खून बहाने लगा था। इसके बाद भैयालाल ने उसके मुंह पर हाथ रखकर उसकी साँसे रोक दी थी।  


आरोपी प्रेमी गिरफ्तार - 


पिछोर एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धारा 103 बीएनएस का पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। एसपी अमन सिंह राठौड़ ने आरोपी पर दस हजार का इनाम भी घोषित कर दिया था। आरोपी को पकड़ने के लिए टीम बनाई गई थी। जिनके द्वारा लगातार जंगल में सर्चिंग की गई थी। आज सुबह पुलिस टीम को जंगल की सर्चिंग के दौरान आरोपी भोग उर्फ भैयालाल आदिवासी जंगल में पहाड़ पर पेंडो के बीच छुपा बैठा हुआ मिला था। जिसे गिरफ्तार किया गया अब उसे न्यायलय में पेश किया जाएगा।


पति पहुंचा बामौरकला, पत्नी को लेकर होगा रवाना -


बता दें कि घटना की सूचना मिलने के बाद आज सुबह जयंती का पति परमानंद आदिवासी और जयंती की मां आज बुधवार की सुबह बामौरकला पहुंच चुके है। कागजी कार्यवाही के बाद जयंती अपने पति के साथ अपने घर रवाना होगी।

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